अच्छा हुआ तू अब चला गया है,
तू जो पास आ जाता, मैं कहीं खो ही जाता।
अच्छा हुआ तू अब चला गया है,
वरना दिल हर रोज़ फिर बहक जाता।
तू जो पास आ जाता, मैं कहीं खो ही जाता,
अब खुद में हूँ, वरना तुझमें ही रह जाता।
हर एक ख्वाब में बस चेहरा तेरा ही नज़र आता,
नींद भी अब सुकून से आती है, तू जब से नहीं आता।
तेरी एक झलक से सब कुछ बदल सा जाता,
सब वैसा ही है, अब दिल कहीं संभल सा जाता।
अच्छा हुआ तू अब चला गया है,
ये दिल अब दर्द से थोड़ा बचा हुआ है।
हर एक ख्वाब में बस चेहरा तेरा ही नज़र आता,
अब ख्वाबों में भी मेरा अपना जहाँ नज़र आता।
तू जो पास आ जाता, मैं कहीं खो ही जाता,
अब दूर है तू, तो मैं खुद से मिल पाता।
अच्छा हुआ तू अब चला गया है,
टूटा हूँ थोड़ा, पर खुद में बचा हुआ है।
